Jagadguru Shri Kripalu Ji Maharaj

जगद्गुरु कृपालु जी महाराज: आध्यात्मिक ज्ञान और भक्ति के प्रेरणास्रोत

जेएनएन, नई दिल्ली। जगद्गुरु कृपालु जी महाराज भक्ति, आध्यात्म और प्रेम की प्रेरणा हैं। विख्यात संत कृपालु महाराज के प्रवचन, भजन और मंदिर भक्तों को ईश्वर

जब विश्व को मिले अपने पाँचवें जगद्गुरु: श्री कृपालु जी महाराज

जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज को 14 जनवरी, 1957 को काशी विद्वत् परिषद् द्वारा जगद्गुरूत्तम की उपाधि प्रदान की गयी। वेदों से लेकर रामायण तक, सारे ग्रन्थ

महिला सशक्तिकरण की बात सब करते हैं, डॉ. विशाखा त्रिपाठी जी ने उसे कर के दिखाया

उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ ज़िले में कुंडा नाम का एक कस्बा है। कुछ दशकों पहले तक यहाँ के आस-पास के गाँवों में साक्षरता का स्तर

प्रेम मंदिर और कीर्ति मंदिर में 14,000 महात्माओं और निराश्रित विधवा माताओं को सहायता सामग्री का वितर

जगद्गुरु कृपालु परिषत् द्वारा ब्रज क्षेत्र के सत्पुरुषों और विधवा माताओं हितार्थ विशाल वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस आयोजन के अंतर्गत कुल 14,000

डॉ. विशाखा त्रिपाठी का निधन: कैसे जगद्गुरु कृपालु जी महाराज की बेटी ने आगे बढ़ाये जन-कल्याण कार्य

जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज जैसे संत इस धरती पर कई शताब्दियों में एक बार आते हैं। श्री कृपालु जी महाराज ने 1922 में उत्तर

बड़ी दीदी के नाम से जानी जाती थी डॉ. विशाखा त्रिपाठी, ईश्वर प्रेम-सेवा और गुरु भक्ति की थीं मिसाल

जागरण टीम, मथुरा। जगद्गुरु कृपालु परिषत् की अध्यक्षा, डॉ. विशाखा त्रिपाठी, जिन्हें प्रेम से बड़ी दीदी कहा जाता था, अपने दिव्य व्यक्तित्व, अनुशासन और निःस्वार्थ भक्ति के